Chapter 69: The Choice
रात 1 बजे। Room 0।
Aarav ने decide कर लिया था।
वो अकेला था। Meera बाहर थी। Sameer, Priya, Kamla आंटी — सब बाहर थे।
"Meera... मैं... मैं अंदर जा रहा हूँ।"
"क्या?"
"मैं... मैं seal करूँगा। अकेला।"
"नहीं!"
"Meera... सुनो। एक ही person कर सकता है। और... मैं... मैं करूँगा।"
"नहीं! मैं... मैं नहीं चाहती!"
"Meera... तुम... तुम ज़िंदा रहो। बस। ज़िंदा रहो।"
"लेकिन... लेकिन तुम..."
"मैं... मैं Room 0 का हिस्सा हूँ। मैं... मैं replacement हूँ। मैं... मैं कभी असली Aarav नहीं था। और... अगर मैं seal करूँ... तो... तो कम से कम... कम से कम मैं... मैं कुछ अच्छा करूँगा।"
"Meera..."
"नहीं। मैं... मैं तुम्हें जाने नहीं दूँगी।"
"Meera... तुम... तुम्हें समझना होगा। ये... ये ज़रूरी है। Room 0... Room 0 फैल रहा है। हर रात। और... अगर... अगर आज seal नहीं किया... तो... तो कल... कल बहुत देर हो जाएगी।"
"तो... तो मैं करूँगी।"
"नहीं।"
"क्यों नहीं?"
"क्योंकि... क्योंकि मैं... मैं नहीं चाहता कि तुम... तुम जाओ।"
"तो... तो तुम जाओगे?"
"हाँ।"
"Meera..."
"नहीं। मैं... मैं तुम्हें रोकूँगी।"
"कैसे?"
"पता नहीं। लेकिन... मैं कोशिश करूँगी।"
Aarav ने Meera को देखा। उसकी आँखों में... गुस्सा था। और... प्यार।
"Meera..."
"हम्म?"
"मैं... मैं तुमसे..."
"क्या?"
"कुछ नहीं। बस... बस ज़िंदा रहो।"
"नहीं। तुम... तुम ज़िंदा रहो।"
"Meera... मैं... मैं तुम्हें... मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ।"
"क्या?"
"कि... कि मैं... मैं तुमसे..."
"क्या?"
Aarav ने गहरी साँस ली।
"मैं... मैं तुमसे प्यार करता हूँ।"
Meera चुप हो गई।
"Meera... मैं... मैं जानता हूँ कि... कि ये... ये सही वक्त नहीं है। लेकिन... लेकिन मैं... मैं बताना चाहता था। क्योंकि... क्योंकि अगर... अगर मैं चला गया... तो... तो मैं... मैं कह नहीं पाऊँगा।"
"Meera... मैं... मैं तुमसे प्यार करता हूँ। बहुत। और... और इसलिए... इसलिए मैं... मैं जा रहा हूँ। ताकि... ताकि तुम... तुम ज़िंदा रहो।"
Meera ने Aarav को देखा। उसकी आँखों में आँसू थे।
"Meera..."
"हम्म?"
"ज़िंदा रहो। बस। ज़िंदा रहो।"
"नहीं। मैं... मैं नहीं चाहती कि तुम जाओ।"
"Meera..."
"नहीं। मैं... मैं तुम्हें रोकूँगी।"
"कैसे?"
"पता नहीं। लेकिन... मैं कोशिश करूँगी।"
Aarav ने Meera को देखा। और... फिर।
वो Room 0 में चला गया।
"AAARAV! नहीं!"
Meera ने भागकर दरवाज़ा पकड़ा। लेकिन... दरवाज़ा बंद हो गया।
"AAARAV!"
कोई जवाब नहीं आया।
"AAARAV!"
कुछ नहीं।
Meera काँप रही थी। उसकी आँखों में आँसू थे। लेकिन... वो रो नहीं रही थी।
वो चुप थी। बिल्कुल चुप।
और फिर — Room 0 के अंदर से आवाज़ आई।
"Meera..."
"AAARAV!"
"Meera... सुनो।"
"नहीं! तुम बाहर आओ!"
"Meera... मैं... मैं नहीं आ सकता।"
"क्यों नहीं?"
"क्योंकि... क्योंकि मैं... मैं seal कर रहा हूँ।"
"नहीं!"
"Meera... तुम... तुम ज़िंदा रहो। बस। ज़िंदा रहो।"
"नहीं! मैं... मैं तुम्हें नहीं छोड़ूँगी!"
"Meera... तुम... तुम्हें छोड़ना ही होगा। क्योंकि... क्योंकि मैं... मैं जा रहा हूँ।"
"नहीं!"
"Meera... मैं... मैं तुमसे... मैं तुमसे प्यार करता हूँ। बहुत। और... और इसलिए... इसलिए मैं... मैं जा रहा हूँ। ताकि... ताकि तुम... तुम ज़िंदा रहो।"
"Meera... ज़िंदा रहो। बस। ज़िंदा रहो।"
"नहीं!"
"Meera... मैं... मैं जा रहा हूँ। अभी। इसी वक्त।"
"नहीं!"
"Meera... मैं... मैं तुम्हें... मैं तुम्हें याद रखूँगा। कहीं। कहीं ऐसी जगह जहाँ... जहाँ कोई नहीं है।"
"Meera... ज़िंदा रहो।"
"Main accept karta hoon।"
Room 0 में कुछ बदला। दीवारें काँपीं। रोशनी तेज़ हुई। और... फिर।
अंधेरा।
बिल्कुल अंधेरा।
"AAARAV!"
कोई जवाब नहीं आया।
"AAARAV!"
कुछ नहीं।
Meera ने दरवाज़ा खोलने की कोशिश की। लेकिन... दरवाज़ा नहीं खुला।
"AAARAV!"
कुछ नहीं।
Meera काँप रही थी। उसकी आँखों में आँसू थे।
और फिर — Room 0 का दरवाज़ा... गायब हो गया।
पूरी तरह।
Room 0... Room 0 seal हो गया।
Meera वहाँ खड़ी थी। अकेली।
"AAARAV!"
कोई जवाब नहीं आया।
"AAARAV!"
कुछ नहीं।
Meera ने देखा। Corridor regular था। दीवारें normal थीं। "0" गायब था।
Room 0... Room 0 गायब हो गया था।
और... Aarav भी।
"Meera?"
Sameer ने पूछा।
"Meera, क्या हुआ? Aarav कहाँ है?"
Meera ने देखा। उसकी आँखें खाली थीं।
"वो... वो गायब हो गया।"
"गायब? कैसे?"
"उसने... उसने Room 0 seal किया। और... और वो गायब हो गया।"
"तो... तो Room 0 seal हो गया?"
"हाँ।"
"तो... तो सब ठीक है?"
Meera ने देखा। Room 0 का दरवाज़ा... गायब था।
"हाँ। सब... सब ठीक है।"
लेकिन... उसकी आँखों में... सब कुछ बिखरा हुआ था।
Aarav गायब हो गया था।
और... Meera अकेली थी।
रात 3 बजे। Hospital।
Room 0 seal हो गया था। पूरी तरह।
Corridor regular था। दीवारें normal थीं। "0" गायब था।
Staff वापस आ रहा था। Patients वापस आ रहे थे।
सब कुछ regular हो गया था।
लेकिन... Aarav नहीं था।
कोई उसे याद नहीं कर रहा था। कोई उसका नाम नहीं ले रहा था।
वो... वो गायब हो गया था। पूरी तरह।
Meera अकेली थी।
वो corridor में खड़ी थी। अकेली।
"Meera?"
Kamla आंटी ने पूछा।
"Meera, तुम ठीक हो?"
"हाँ। मैं... मैं ठीक हूँ।"
"लेकिन... तुम्हारा चेहरा..."
"कुछ नहीं। बस... बस थक गई हूँ।"
"ठीक है। तो... चलो। सो जाओ।"
"हाँ।"
Meera ने देखा। Corridor regular था। Room 0 गायब था।
और... Aarav भी।
वो चुप थी। बिल्कुल चुप।
उसकी आँखों में आँसू थे। लेकिन... वो रो नहीं रही थी।
वो... वो सिर्फ खड़ी थी। अकेली।
Room 0 seal हो गया था।
और... Aarav गायब हो गया था।
Meera ने अपनी आँखें बंद कीं।
और... फिर।
वो चली गई।
अकेली।
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