Chapter 27: Meera's Flash
Meera office में बैठी थी। उसके सामने laptop था, screen पर research papers। लेकिन उसका दिमाग़ कहीं और था।
वो सोच रही थी — 5 साल पहले। वो medical student थी। Internship कर रही थी। और एक रात... उसने कुछ देखा था।
एक corridor। संकरा, अंधेरा। दीवारों पर नमी। और उसके अंत में — एक दरवाज़ा। "0" लिखा था।
वो memory — जो उसने 5 साल तक suppress की थी — अब धीरे-धीरे वापस आ रही थी।
और आज... कुछ और भी याद आया।
Meera ने अपनी diary खोली — पुरानी, धूल भरी। उसने उसे कभी खोला नहीं था। लेकिन आज... कुछ कह रहा था अंदर से कि खोलना चाहिए।
Diary के pages पलटे। 2021 की entries। ज़्यादातर boring — classes, notes, exams। लेकिन एक page पर... कुछ अलग था।
"14 October 2021।
मैंने कुछ देखा। आज रात। Internship duty पर।
एक corridor। जो hospital के floor plan में नहीं था। एक दरवाज़ा। '0' लिखा था।
मैं अंदर गई। एक कमरा। एक बेड। एक patient। बूढ़ा आदमी। मर रहा था।
मैंने मदद करने की सोची। लेकिन... मैंने नहीं की। मैंने चुना कि मैं कुछ नहीं करूँगी।
क्यों? पता नहीं। बस... डर गई। या शायद... कुछ और।
और फिर... मैं भाग गई।
अगली सुबह... मुझे कुछ याद नहीं था। बस एक अंधेरा। जैसे कोई chapter फाड़ दिया गया हो।
मैंने decide किया कि भूल जाऊँगी। और भूल गई। 5 साल तक।"
Meera ने diary पढ़ी। उसकी उंगलियाँ काँप रही थीं।
"मैंने... मैंने मदद नहीं की," उसने फुसफुसाया। "वो patient मर गया। और मैंने कुछ नहीं किया।"
लेकिन फिर उसे याद आया — Room 0। Room 0 ने उसे mark किया। Room 0 ने उसे दंड दिया। 5 साल की भूलने की सज़ा।
"Room 0 ने मुझे mark किया," उसने कहा। "क्योंकि मैंने किसी को बचाने से इनकार कर दिया।"
और अब... Room 0 फिर बुला रहा है।
Meera ने diary बंद की। उसकी आँखें भीगी थीं।
5 साल। 5 साल तक उसने भूलने का नाटक किया। लेकिन अब सच सामने था।
वो कायर थी। उसने किसी को बचाने से इनकार कर दिया। और Room 0 ने उसे इसके लिए दंड दिया।
"लेकिन अब," Meera ने कहा — "अब मैं Room 0 को रोकूँगी। अब मैं कायर नहीं रहूँगी।"
उसने Aarav को message किया: "मुझे कुछ याद आया। आओ। मिलते हैं।"
रात 3 बजे। On-call room।
Meera ने Aarav को सब बताया। Diary दिखाई। 2021 की entry।
"मैंने किसी को बचाने से इनकार किया," उसने कहा। "Room 0 ने मुझे mark किया। 5 साल तक भूलने दिया। अब याद आ रहा है।"
Aarav चुप था। फिर बोला — "तुम अकेली नहीं हो।"
"मैं जानती हूँ।"
"नहीं, मतलब... मैं भी Room 0 से marked हूँ। Priya भी। Sameer भी। Kamla आंटी भी। हम सब... हम सब Room 0 से जुड़े हैं।"
"लेकिन... हममें से कोई भी Room 0 को रोक नहीं पा रहा।"
"अभी नहीं। लेकिन... शायद एक दिन। अगर हम सब मिलकर कोशिश करें।"
Meera ने Aarav को देखा। उसकी आँखों में आँसू थे — लेकिन साथ ही कुछ और भी। शायद उम्मीद।
"ठीक है," उसने कहा। "हम सब मिलकर कोशिश करेंगे।"
रात 4 बजे। Aarav ने डायरी खोली:
"Meera's confession:
- She saw Room 0 in 2021 (internship)
- A patient was dying
- She chose not to help
- Room 0 marked her
- 5 years of suppressed memory
New understanding:
- Room 0 marks people who refuse to save others
- Room 0 punishes cowards
- Room 0 is not random — it has rules
- Room 0 targets people who had the chance to save someone — and didn't"
उसने डायरी बंद की।
"Room 0," उसने फुसफुसाया। "तू क्या चाहता है?"
सवाल का कोई जवाब नहीं था। बस अंधेरा था। और अंधेरे में... दूर से... एक आवाज़।
"आरव... अंदर आओ..."
नैना।
Room 0 फिर बुला रहा था।
लेकिन Aarav ने जवाब नहीं दिया।
अभी नहीं।
अभी बहुत जल्दी है।
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