Chapter 38: The Night Naina Died
रात 2 बजे। Room 47।
Aarav, Meera, Sameer — तीनों Room 47 में थे।
"Ready?" Aarav ने पूछा।
"Ready," Meera ने कहा।
"Ready," Sameer ने कहा। उसकी आवाज़ काँप रही थी।
तीनों ने आँखें बंद कीं। इंतज़ार किया।
5 मिनट बाद — कमरा बदला।
दीवारें हिलीं। रोशनी बदली। और Room 47... Room 0 बन गया।
"हो गया," Aarav ने कहा।
Corridor। वही संकरा, अंधेरा corridor। दीवारों पर नमी। और उसके अंत में — दरवाज़ा। "0" लिखा था।
"चलो," Aarav ने कहा।
तीनों चले। corridor में। धीरे-धीरे। हर कदम भारी।
दरवाज़ा खोला। अंदर गए।
कमरा वैसा ही था — एक बेड, एक monitor, एक chart। लेकिन इस बार... बेड पर कोई था।
Aarav ने करीब जाकर देखा।
बेड पर एक लड़की लेटी थी। उसकी आँखें बंद थीं। उम्र कोई 23-24 साल। सफ़ेद hospital gown।
नैना।
"नैना!" Aarav ने कहा।
नैना ने आँखें खोलीं। "भैया?"
"नैना! तू... तू ज़िंदा है?"
"हाँ भैया। लेकिन... तुम यहाँ क्यों आए? मैंने कहा था ना — Room 0 में मत आना।"
"नैना, सुन। मैं... मैं तुझे बचाऊँगा।"
"नहीं भैया! ऐसा मत कर! तू... तू खतरे में पड़ जाएगा!"
"मैं परवाह नहीं करता। तू मेरी बहन है।"
नैना ने Aarav को देखा। उसकी आँखें भीगी हुई थीं।
"भैया... तू बहुत अच्छा है। लेकिन... Room 0 तुझे बुला रहा है। नैना की आवाज़ में। और... अगर तूने जवाब दिया... तो तू भी यहाँ फँस जाएगा।"
"मैं फँसने को तैयार हूँ। तुझे बचाने के लिए।"
"नहीं भैया! मैं... मैं नहीं चाहती कि तू मेरी वजह से फँसे!"
"तू मेरी बहन है। मैं तुझे छोड़ नहीं सकता।"
"लेकिन —"
"नैना। सुन। मैं तुझे बचाऊँगा। चाहे कुछ भी हो जाए।"
नैना ने आँखें बंद कीं। जब खोलीं... उनमें आँसू थे।
"ठीक है भैया। लेकिन... एक शर्त है।"
"क्या?"
"तू Room 0 में मत फँसना। मुझे बचाने की कोशिश में... खुद मत खो देना।"
"मैं... मैं try करूँगा।"
"Promise कर।"
"Promise।"
Chart पर लिखा था:
"Room 0 status: ACTIVE
Subject: Naina Malhotra
Replacement: CONFIRMED
Connection: Aarav Malhotra (linked)
Warning: Do not forget."
"Connection... Aarav Malhotra," Aarav ने पढ़ा।
"हाँ भैया। Room 0 ने तुझे भी link कर दिया। क्योंकि... तू मेरे लिए आया। Room 0 ने तेरा use किया।"
"मतलब... मैं भी Room 0 से connected हूँ?"
"हाँ भैया। पूरी तरह।"
Aarav ने Meera की तरफ देखा। Meera चुप थी।
"तो... अब मैं Room 0 का हिस्सा हूँ?"
"हाँ भैया। और... शायद इसीलिए Room 0 तुझे बुला रहा है। तू उसका हिस्सा है। और वो... वो तुझे अंदर खींचना चाहता है।"
Aarav ने गहरी साँस ली। "तो... अब मुझे Room 0 से लड़ना होगा। अंदर से।"
"हाँ भैया। और... मैं तेरे साथ हूँ।"
"नैना, तू... तू Room 0 में फँसी है। तू मेरे साथ कैसे रहेगी?"
"भैया, मैं... मैं Room 0 का हिस्सा हूँ। और तू भी। तो... हम दोनों Room 0 के अंदर हैं। और... शायद हम दोनों मिलकर Room 0 को बंद कर सकते हैं।"
Aarav ने नैना को देखा। "तू... तू तैयार है?"
"हाँ भैया। बहुत पहले से।"
"तो... चलो।"
"भैया, रुक। अभी नहीं। अभी बहुत जल्दी है। पहले Room 0 को समझो। फिर... फिर आना।"
"लेकिन —"
"भैया। प्लीज़। मेरी बात सुन। Room 0 तुझे बुला रहा है। नैना की आवाज़ में। लेकिन... अभी जवाब मत देना। अभी बहुत जल्दी है।"
Aarav ने गहरी साँस ली। "ठीक है। लेकिन मैं वापस आऊँगा।"
"मैं जानती हूँ भैया। मैं यहाँ हूँ। इंतज़ार कर रही हूँ।"
Aarav, Meera, Sameer बाहर आए। corridor वापस Room 47 बन गया।
तीनों चुप थे। बहुत देर तक।
"नैना... ज़िंदा है," Aarav ने कहा। "Room 0 में। 11 साल से। और... Room 0 ने मुझे भी link कर दिया।"
"तो... अब तुम भी Room 0 से जुड़े हो?"
"हाँ। पूरी तरह। Room 0 अब मुझे बुलाएगा। और... मुझे रोकना होगा।"
"कैसे?"
"पता नहीं। लेकिन... हम कोशिश करेंगे।"
रात 4 बजे। Aarav ने डायरी खोली:
"The Night Naina Died — Revelation:
- Naina entered Room 0 to save Aarav
- Room 0 showed her Aarav dying
- She tried to change what it showed
- Room 0 marked her
- She died — heart pulled back by Room 0
- She's now Room 0's subject
- Room 0 linked Aarav to Naina
- Aarav is now PART of Room 0's pattern
Critical: Room 0 uses love as a weapon
Naina's love for Aarav → Room 0 marked her
Aarav's love for Naina → Room 0 linked him
Room 0 feeds on guilt AND love"
उसने डायरी बंद की।
Room 0 सिर्फ guilt पर नहीं चलता। Love पर भी चलता है।
Naina ने Aarav से प्यार किया। इसीलिए Room 0 में गई।
Aarav Naina से प्यार करता है। इसीलिए Room 0 ने उसे link किया।
Room 0 love को भी use करता है।
और... love और guilt — दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
Room 0 दोनों से चलता है।
और... Room 0 को रोकने के लिए... शायद दोनों को accept करना होगा।
Love और guilt। दोनों।
शायद तब... Room 0 कमज़ोर होगा।
शायद।
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