Chapter 15: The Recording
अगली शाम मीरा के forensic lab में। लैब एक ठंडा, सफ़ेद कमरा था जहाँ दीवारों पर stainless steel के shelves लगे थे। हर shelf पर containers थे — कुछ लेबल लगे, कुछ खाली। मीरा अपनी desk पर बैठी थी और microscope में कुछ देख रही थी।
"क्या लाए हो?" उसने बिना ऊपर देखे पूछा।
आरव ने cassette उसकी desk पर रखी। मीरा ने उसे देखा — पुरानी, जंग लगी, लेबल पर लिखा: "Dr. Verma — Room 0 Research — Oct 1978।"
"ये... ये कहाँ से मिली?"
"डॉ. वर्मा के office से। पुराने wing में।"
मीरा ने cassette उठाई और गौर से देखी। "इसे play करना होगा। मेरे पास एक पुराना player है।"
उसने drawer खोली और एक cassette player निकाला — पुराना, लेकिन काम करने वाला। cassette डाली, play दबाया।
पहले कुछ सेकंड — सिर्फ शोर। फिर एक आवाज़। एक बुज़ुर्ग आदमी की, धीमी और थकी हुई:
"ये recording शुरू हो रही है। तारीख़ — 15 अक्टूबर 1978। मैं डॉ. आनंद वर्मा हूँ। Room 0 पर मेरी research का आठवाँ साल।"
आरव और मीरा चुप थे।
"मैंने अब तक 15 केस study किए हैं। 15 लोगों ने Room 0 देखा। उनमें से 12 की मृत्यु हो चुकी है। बाकी 3 अभी जीवित हैं — लेकिन उनकी ज़िन्दगी बदल गई है।"
"Room 0 एक boundary है। जहाँ दो realities मिलती हैं। जब कोई व्यक्ति मरता है, तो Room 0 उसकी जगह एक 'replacement' तैयार करता है। ये replacement कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है — ये एक 'version' है। वो version जो उस ज़िन्दगी को जीता है जो मरने वाले ने जीना चाहा था।"
आरव ने मीरा की तरफ देखा। मीरा का चेहरा गंभीर था।
"लेकिन replacement की कीमत है। मरने वाले व्यक्ति की यादें — उसकी पहचान — वो धीरे-धीरे मिट जाती है। दुनिया बदल जाती है। और जो लोग उस व्यक्ति को जानते थे — उनकी ज़िन्दगी बदल जाती है।"
"लेकिन Room 0 बुरा नहीं है। ये बस... पूरा करता है। जो अधूरा रह गया, उसे खत्म करता है।"
Player में खामोशी आई। फिर डॉ. वर्मा की आवाज़ फिर बोली — इस बार और धीमी:
"Room 0 वो लोग दिखाता है जिनकी मृत्यु अभी हुई नहीं है। वो उन्हें उस condition में दिखाता है जैसे वो अभी जीवित हैं — लेकिन उनकी मृत्यु के बाद की दुनिया भी। जैसे दोनों realities एक साथ मौजूद हों।"
"Room 0 मौत नहीं दिखाता। वो दिखाता है — मौत के बाद क्या होगा।"
आरव को याद आया — कमला आंटी ने भी यही कहा था। Room 0 मौत नहीं दिखाता। मौत के बाद की दुनिया दिखाता है।
"अब मैं जो बताने जा रहा हूँ वो सबसे ज़रूरी है। Room 0 का एक और rule है — जो मैंने खुद verify किया है। Room 0 में सुनी गई किसी मृत व्यक्ति की आवाज़ को दोहराना। अगर तुमने Room 0 में किसी मृत व्यक्ति की आवाज़ सुनी और उसे बाहर दोहराया... तो Room 0 तुम्हें फिर से बुलाएगा। और इस बार... तुम वापस नहीं आओगे।"
आरव का दिल ज़ोर से धड़का। वही rule। वही चेतावनी।
"लेकिन इससे भी खतरनाक कुछ और है। Room 0 तुम्हें बुलाता है। वो तुम्हारा नाम बोलता है। तुम्हारी आवाज़ में नहीं — तुम्हारी ज़िन्दगी में मौजूद किसी मृत व्यक्ति की आवाज़ में। जो तुम्हें सबसे ज़्यादा याद हो — वो आवाज़। और अगर तुमने उसका जवाब दिया... तो समझो तुम गए।"
Player बंद हो गया। cassette खत्म हो गई।
मीरा और आरव चुप थे।
"तुमने कुछ सुना था कल रात?" मीरा ने पूछा।
आरव ने हाँ में सिर हिलाया।
"क्या सुना?"
"मेरा नाम। किसी ने मेरा नाम बुलाया।"
"किसने?"
आरव चुप रहा। वो बता नहीं पा रहा था। क्योंकि वो जानता था कि उस आवाज़ में कौन था। वो नैना की आवाज़ थी। उसकी बहन की। जो दो साल पहले मर चुकी थी।
"आरव, मुझे बताओ।"
"नहीं। अभी नहीं।"
मीरा ने उसे देखा। उसकी आँखों में गुस्सा था — और कुछ और भी। शायद चिंता।
"ठीक है। लेकिन एक बात याद रखो — Room 0 जो बुलाता है, उसका जवाब मत दो। कभी नहीं।"
"मैंने जवाब नहीं दिया।"
"अच्छा। ऐसे ही रखना।"
बीप ————–
उस रात आरव घर लौटा। उसकी जेब में cassette थी। और उसके दिमाग़ में डॉ. वर्मा की आवाज़।
"Room 0 मौत नहीं दिखाता। वो दिखाता है — मौत के बाद क्या होगा।"
"Room 0 तुम्हें बुलाता है। वो तुम्हारा नाम बोलता है। तुम्हारी ज़िन्दगी में मौजूद किसी मृत व्यक्ति की आवाज़ में।"
नैना।
नैना की आवाज़।
"आरव... अंदर आओ..."
आरव ने अपनी डायरी खोली और लिखा:
"Cassette — Dr. Verma — Oct 1978।
Rules जो confirm हुए:
1. Room 0 replacement करता है — मृत्यु के बाद
2. दुनिया बदलती है — लेकिन documents/photos नहीं
3. यादें मिटती हैं — धीरे-धीरे
4. Room 0 बुलाता है — मृत व्यक्ति की आवाज़ में
5. आवाज़ का जवाब मत दो — नहीं तो वापस नहीं आओगे
6. Room 0 मौत नहीं दिखाता — मौत के बाद की दुनिया दिखाता है
अभी तक confirm हुए clues:
- 7 केस (मेरी research) + 15 केस (Dr. Verma)
- हर मौत में 9 मिनट का फ़र्क
- Room 0 रात को दिखता है — 1:30 से 3:30 के बीच
- Room 0 में clock 9 मिनट slow होती है
- Room 0 का door हर बार अलग जगह खुलता है
अनसुलझे सवाल:
- Room 0 क्यों बना?
- किसने बनाया?
- Dr. Verma कहाँ हैं?
- नैना का क्या connection है?
- 9 मिनट का मतलब क्या है?
आरव ने डायरी बंद की और खिड़की से बाहर देखा। अस्पताल दूर खड़ा था। पुराना wing अंधेरे में डूबा हुआ था।
उसने सोचा — डॉ. वर्मा ने cassette record की। और फिर Room 0 में चला गया। वापस नहीं आया।
शायद उसने भी Room 0 की आवाज़ सुनी थी। शायद उसने भी जवाब दिया था।
और शायद... उसी वजह से वो वापस नहीं आया।
4:45 AM
आरव ने खिड़की बंद की और बिस्तर पर लेट गया। लेकिन नींद नहीं आई।
उसके कानों में वो आवाज़ गूँज रही थी —
"आरव... अंदर आओ..."
नैना।
उसकी बहन।
Room 0 उसकी बहन की आवाज़ में बोल रहा था।
क्यों?
क्या नैना भी Room 0 से जुड़ी थी?
क्या उसकी मृत्यु... Room 0 की वजह से हुई थी?
सवाल बहुत थे। जवाब किसी के पास नहीं थे।
लेकिन आरव जानता था — उसे जवाब खोजने होंगे।
चाहे कुछ भी हो जाए।
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