Chapter 9: Second Visit
तीसरी रात।
आरव जानता था कि उसे नहीं जाना चाहिए। Dr. Kapoor ने मना किया था। मीरा ने भी कहा था — "अकेले मत जाना।"
लेकिन आरव को पता था कि अगर वो नहीं गया — तो वो पागल हो जाएगा।
रात 1 बजे। Emergency Wing खाली।
आरव ने कोरिडोर में कदम रखा।
Room 45... Room 46... Room 47...
हवा बदली। ठंडक आई।
Room 99 के बाद — वो कोरिडोर। वो दरवाज़ा। "0"।
आरव ने दरवाज़ा खोला।
अंदर गया।
वही room। वही bed। वही monitors।
लेकिन इस बार — दीवार पर नई writing थी। काले रंग में।
"Death pending."
आरव ने bed की तरफ देखा।
मरीज़ सो रहा था। वही आदमी। उम्र 45। Monitor पर heart rate स्थिर।
आरव ने medical chart उठाया।
"Replacement confirmed" अभी भी था।
लेकिन उसके नीचे नई line थी।
"Replacement in progress."
"Replacement in progress..." आरव ने पढ़ा।
किसका replacement? क्या हो रहा है?
तभी मरीज़ की आँखें खुलीं।
इस बार उसने आरव को पहचाना नहीं।
"ये... ये कहाँ हूँ मैं?" मरीज़ ने कहा। आवाज़ में डर था। "मैं तो अभी घर पर था। मेरी बेटी की शादी है अगले महीने। मैं यहाँ कैसे आया?"
आरव का दिल बैठ गया।
"आप... आपका नाम क्या है?"
"हरी प्रसाद। टीचर हूँ। ये hospital क्या है? मुझे यहाँ क्यों लाया?"
आरव ने chart देखा। "Hari Prasad" लिखा था।
"हरी जी, आप... आप hospital में हैं। आपकी तबीयत खराब थी।"
"तबीयत खराब? मैं तो बिल्कुल ठीक हूँ!" हरी प्रसाद ने bed से उठने की कोशिश की। "मुझे घर जाना है। मेरी बेटी इंतज़ार कर रही है।"
आरव ने उसे रोका। "रुकिए। आप अभी उठ नहीं सकते।"
"क्यों नहीं? मैं बिल्कुल ठीक हूँ!"
लेकिन monitor कहानी कुछ और कह रहा था। Heart rate बढ़ रहा था। BP गिर रहा था।
हरी प्रसाद बीमार था। लेकिन उसे पता नहीं था।
Room 0 में मौजूद था — लेकिन officially, hospital में कहीं नहीं था।
"हरी जी," आरव ने कहा, "आपकी बेटी का नाम क्या है?"
"सोनम। मेरी लाड़ली। 22 साल की हो गई। अगले महीने शादी है।" हरी प्रसाद की आँखें चमक उठीं। "डॉक्टर साहब, मैंने उसके लिए नया लहंगा खरीदा है। लाल रंग का। उसे बहुत पसंद आएगा।"
आरव की आँखें भर आईं।
ये आदमी... ये आदमी अपनी बेटी की शादी के सपने देख रहा था। और Room 0 कह रहा था — "Replacement confirmed।"
"हरी जी," आरव ने कहा, "मैं... मैं आपकी मदद करूँगा।"
"मदद? मुझे क्या मदद चाहिए? मैं तो बस घर जाना चाहता हूँ।"
आरव ने chart देखा। "Replacement in progress।"
क्या हो रहा था? हरी प्रसाद की जगह कौन ले रहा था?
और सबसे ज़रूरी सवाल — हरी प्रसाद बच सकता था?
आरव ने chart वापस रखा। हरी प्रसाद का हाथ पकड़ा।
"हरी जी, मैं आपको बचाऊँगा।"
हरी प्रसाद ने मुस्कुराकर देखा। "बचाऊँगा? डॉक्टर साहब, मुझे कुछ नहीं हुआ। मैं तो बस... बस थोड़ा थका हूँ।"
लेकिन monitor कहानी कुछ और कह रहा था।
और chart — chart कह रहा था कि हरी प्रसाद बचने वाला नहीं था।
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