Chapter 68: Together
Room 0 अंदर।
अंधेरा। सिर्फ एक रोशनी। और... दीवारों पर "0"।
Aarav और Meera खड़े थे। एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए।
"Room 0... Room 0 हमें दिखाएगा," Aarav ने कहा। "हमारा... हमारा future।"
"मैं जानती हूँ।"
"Ready?"
"हाँ।"
और फिर — Room 0 ने अपना काम शुरू किया।
पहले — दीवारें बदलीं। Corridor बदला। और... एक दृश्य दिखा।
एक hospital। Regular hospital। सब कुछ normal था। Staff काम कर रहा था। Patients थे। और... एक लड़की थी। Meera।
"ये... ये मैं हूँ?" Meera ने कहा। "भविष्य में?"
Room 0 दिखा रहा था। Meera office में बैठी थी। Efficient। Professional। बिना किसी tension के।
"ये... ये अच्छा है," Meera ने कहा। "मैं... मैं ठीक हूँ।"
"हाँ। लेकिन... देखो।"
Room 0 ने और दिखाया।
Meera के चेहरे पर... कोई expression नहीं था। न हँसी थी, न गम। बस... खाली।
"ये... ये मैं हूँ?" Meera ने कहा। "बिना... बिना किसी feeling के?"
"हाँ। जब... जब Room 0 seal हो जाएगा... तो... तो तुम... तुम ऐसी हो जाओगी।"
"क्यों?"
"क्योंकि... तुम... तुम्हारी ज़िंदगी में... कोई... कोई important नहीं रहेगा।"
"कोई?"
"हाँ। कोई।"
Room 0 ने और दिखाया।
Meera के चारों तरफ — लोग थे। लेकिन... कोई उसे देख नहीं रहा था। कोई उससे बात नहीं कर रहा था। वो... वो अकेली थी। भीड़ में।
"ये... ये तुम्हारा future है," Room 0 ने कहा। "अगर... अगर Aarav seal कर दे।"
"तो... तो मैं... मैं अकेली हो जाऊँगी?"
"हाँ। बिल्कुल अकेली।"
Meera ने Aarav को देखा।
"नहीं। मैं... मैं नहीं चाहती।"
Room 0 ने बदला।
अब — एक और दृश्य।
एक hospital। और... एक लड़का। Aarav।
"ये... ये मैं हूँ?" Aarav ने कहा।
Room 0 दिखा रहा था। Aarav office में बैठा था। Efficient। Professional। बिना किसी tension के।
"ये... ये अच्छा है," Aarav ने कहा। "मैं... मैं ठीक हूँ।"
"हाँ। लेकिन... देखो।"
Room 0 ने और दिखाया।
Aarav के चेहरे पर... कोई expression नहीं था। न हँसी थी, न गम। बस... खाली।
"ये... ये मैं हूँ?" Aarav ने कहा। "बिना... बिना किसी feeling के?"
"हाँ। जब... जब Room 0 seal हो जाएगा... तो... तो तुम... तुम ऐसे हो जाओगे।"
"क्यों?"
"क्योंकि... तुम... तुम्हारी ज़िंदगी में... कोई... कोई important नहीं रहेगा।"
"कोई?"
"हाँ। कोई।"
Room 0 ने और दिखाया।
Aarav के चारों तरफ — लोग थे। लेकिन... कोई उसे देख नहीं रहा था। कोई उससे बात नहीं कर रहा था। वो... वो अकेला था। भीड़ में।
"ये... ये तुम्हारा future है," Room 0 ने कहा। "अगर... अगर Meera seal कर दे।"
"तो... तो मैं... मैं अकेला हो जाऊँगा?"
"हाँ। बिल्कुल अकेला।"
Aarav ने Meera को देखा।
"नहीं। मैं... मैं नहीं चाहता।"
Room 0 ने बदला।
अब — एक और दृश्य।
दोनों। एक साथ।
Hospital में। एक कमरे में। बैठे थे। एक-दूसरे को देख रहे थे।
"ये... ये हम हैं?" Aarav ने कहा।
"हाँ। अगर... अगर तुम दोनों seal करो।"
"तो... तो हम... हम साथ में रहेंगे?"
"नहीं। तुम... तुम साथ में गायब हो जाओगे। कहीं ऐसी जगह जहाँ... जहाँ कोई नहीं है।"
"तो... तो हम... हम अकेले होंगे? दोनों?"
"हाँ। सिर्फ दोनों। बाकी सब कुछ... गायब।"
"तो... तो ये... ये अच्छा है?"
"अच्छा? ये... ये तुम decide करो।"
Aarav ने Meera को देखा।
"Meera... तो... तो अगर हम साथ में seal करें... तो... तो हम... हम साथ में रहेंगे। कहीं। कहीं ऐसी जगह जहाँ... जहाँ कोई नहीं है।"
"हाँ।"
"तो... तो ये... ये अच्छा है?"
"पता नहीं। लेकिन... लेकिन हम... हम साथ में होंगे।"
"हाँ। साथ में।"
Room 0 ने बदला।
अब — एक और दृश्य।
दुनिया। बिना Aarav और Meera के।
Hospital regular चल रहा था। Staff काम कर रहा था। Patients थे। और... कोई missing नहीं था।
"ये... ये दुनिया है बिना तुम्हारे," Room 0 ने कहा। "Beautiful। Perfect।"
"लेकिन... लेकिन खाली," Aarav ने कहा।
"हाँ। खाली। क्योंकि... क्योंकि तुम... तुम दोनों नहीं हो।"
"तो... तो अगर हम seal करें... तो... तो ये... ये दुनिया रहेगी? बिना हमारे?"
"हाँ। और... और कोई... कोई तुम्हें याद नहीं रखेगा।"
"Meera... तो... तो अगर मैं seal करूँ... तो... तो तुम... तुम मुझे भूल जाओगी?"
"हाँ। और... और तुम... तुम भी मुझे भूल जाओगे?"
"हाँ।"
"तो... तो हम... हम दोनों... एक-दूसरे को भूल जाएँगे?"
"हाँ।"
"तो... तो हमारा... हमारा सब कुछ... खत्म हो जाएगा?"
"हाँ।"
Room 0 ने और दिखाया।
दुनिया। बिना Aarav और Meera के।
beautiful थी। Perfect थी।
लेकिन... खाली थी।
"तो... तो ये... ये तुम्हारा choice है," Room 0 ने कहा। "Save yourselves। या... save everyone's truth।"
"Save everyone's truth?" Aarav ने कहा।
"हाँ। अगर... अगर तुम seal करो... तो... तो दुनिया... दुनिया ठीक हो जाएगी। Room 0 गायब हो जाएगा। और... और सब कुछ... regular हो जाएगा।"
"लेकिन... लेकिन हम..."
"तुम... तुम गायब हो जाओगे। दोनों।"
"तो... तो हम... हम decide करें?"
"हाँ। तुम्हारा choice है। लेकिन... जल्दी करो। Room 0... Room 0 ज़्यादा देर wait नहीं करेगा।"
Aarav ने Meera को देखा।
Meera ने Aarav को।
"Meera..."
"हम्म?"
"तो... तो अब... अब हमें... हमें decide करना है।"
"हाँ।"
"Save ourselves... या save everyone's truth।"
"हाँ।"
"तो... तो क्या करेंगे?"
Meera ने गहरी साँस ली।
"मैं... मैं नहीं जानती। लेकिन... लेकिन एक बात जानती हूँ।"
"क्या?"
"कि... कि अगर... अगर हम seal करते हैं... तो... तो हम... हम साथ में गायब हो जाएँगे। और... और हम... हम साथ में रहेंगे। कहीं। कहीं ऐसी जगह जहाँ... जहाँ कोई नहीं है।"
"हाँ।"
"तो... तो ये... ये अच्छा है?"
"पता नहीं। लेकिन... लेकिन हम... हम साथ में होंगे।"
"हाँ। साथ में।"
"और... और दुनिया... दुनिया ठीक हो जाएगी।"
"हाँ।"
"तो... तो ये... ये सही choice है?"
"पता नहीं। लेकिन... लेकिन और कोई रास्ता नहीं है।"
"हाँ। और कोई रास्ता नहीं है।"
Room 0 ने बदला।
अब — दोनों अकेले थे। अंधेरे में।
"तो... तो तैयार हो?" Room 0 ने पूछा।
"हाँ।"
"दोनों?"
"हाँ। दोनों।"
"Main accept karta hoon," Aarav ने कहा।
"Main accept karti hoon," Meera ने कहा।
Room 0 में कुछ बदला। दीवारें काँपीं। रोशनी तेज़ हुई।
लेकिन... फिर। रुक गया।
"क्या... क्या हुआ?"
"Room 0... Room 0 एक ही person seal कर सकता है।"
"क्या?"
"एक। सिर्फ एक। दोनों नहीं।"
"तो... तो हम... हम दोनों नहीं कर सकते?"
"नहीं। सिर्फ एक।"
Aarav ने Meera को देखा।
Meera ने Aarav को।
"तो... तो अब... अब क्या?"
"अब... अब तुम... तुम decide करो। एक। सिर्फ एक।"
"Meera..."
"नहीं। मैं... मैं करूँगी।"
"नहीं। मैं।"
"Meera... तुम..."
"नहीं। मैं... मैं करूँगी। और... और तुम... तुम ज़िंदा रहोगे।"
"Meera... तुम... तुम नहीं कर सकतीं।"
"क्यों नहीं?"
"क्योंकि... क्योंकि मैं... मैं Room 0 का हिस्सा हूँ। मैं... मैं replacement हूँ। और... तुम... तुम भी। लेकिन... लेकिन मेरी guilt... मेरी guilt बड़ी है। Naina... Naina मेरी वजह से मरी।"
"और... मैंने patient को नहीं बचाया। मेरी guilt भी बड़ी है।"
"Meera... तुम... तुम ज़िंदा रहो। मैं... मैं करूँगा।"
"नहीं।"
"Meera..."
"नहीं। मैं... मैं तुम्हें जाने नहीं दूँगी।"
"लेकिन... कोई तो करेगा।"
"तो... तो हम... हम साथ में decide करेंगे।"
"कैसे?"
"पता नहीं। लेकिन... अभी नहीं। पहले... पहले बाहर चलो। सोचते हैं।"
"ठीक है।"
दोनों ने दरवाज़ा खोला। बाहर आए।
गुफा में — Kamla आंटी, Sameer, Priya।
"क्या हुआ? Room 0 seal हो गया?"
"नहीं। अभी नहीं।"
"क्यों?"
"क्योंकि... Room 0... Room 0 एक ही person को allow करता है। दोनों नहीं।"
"तो... तो एक को करना होगा?"
"हाँ।"
"और... दोनों नहीं चाहते?"
"हाँ।"
"तो... तो अब क्या?"
"पता नहीं। लेकिन... लेकिन हम... हम ढूंढेंगे। कोई और रास्ता।"
"है?"
"पता नहीं। लेकिन... कोशिश तो करनी ही होगी।"
रात 12 बजे। Aarav ने डायरी खोली:
"The Choice — Cannot Seal Together:
- Room 0 allows only ONE person to seal
- Both Aarav and Meera connected
- Both willing to sacrifice
- Neither willing to let the other
- Decision: Find alternative
- If none: One must go alone
The Dilemma:
- Who goes?
- Aarav: guilt over Naina's death
- Meera: guilt over patient she didn't save
- Both equally guilty
- Both equally willing
Status: CRITICAL
- Room 0 still open
- Mass confusion continuing
- People still entering
- Must decide soon
- One person must seal
Next: Search for alternative
Goal: Find another way or accept fate"
उसने डायरी बंद की।
Choice साफ़ था। एक जाएगा। सिर्फ एक।
और... दोनों नहीं चाहते थे।
तो... अब ढूंढना था। कोई दूसरा रास्ता।
शायद।
अगर मिला।
तो...
अगर नहीं मिला...
तो... किसी एक को जाना होगा।
Aarav ने Meera को देखा।
Meera ने Aarav को।
दोनों ने एक-दूसरे को देखा। बिना कुछ बोले।
और... फिर चुप हो गए।
Room 0 बाहर खुला था। और... किसी एक को जाना था।
शायद।
जल्दी ही।
बहुत जल्दी।
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