Chapter 22: Nobody Remembers
अगली सुबह।
Aarav सुबह 6:30 बजे hospital पहुँचा। उसका दिमाग़ रजू में लगा था। Pinky का चेहरा — वो छोटी सी लड़की जो हर शाम gate पर खड़ी होती थी।
वो gate की तरफ गया।
Pinky वहाँ नहीं थी।
"शायद जल्दी आई होगी," उसने सोचा। वो अंदर गया।
Emergency Wing में घुसते ही Priya मिली।
"आरव, तुम जल्दी आ गए।"
"हाँ। रजू... उसका क्या हुआ? Body कहाँ है?"
Priya ने उसे देखा। "कौन रजू?"
आरव का दिल रुक गया। "क्या?"
"कौन रजू? Ward boy? हमारे यहाँ तो कोई ward boy नहीं है।"
"Priya, क्या बात कर रही हो? कल... कल रजू मरा। Store room में। Shelf गिर गई।"
Priya ने उसे घूरा। "आरव, तुम ठीक हो? Store room में कल कोई नहीं मरा। मैंने तो कल रात late shift की थी। सब normal था।"
"Normal? रजू मर गया और normal?"
"मैंने कहा ना — कोई रजू नहीं है यहाँ।"
Aarav का दिमाग़ घूम गया। वो Anjali के पास गया।
"Anjali, रजू को जानती हो? Ward boy?"
Anjali ने सोचा। "रजू? नहीं। कौन है रजू?"
"वो ward boy था! कल मरा! Store room में!"
"आरव भैया, store room में कोई नहीं मरा। और हमारे यहाँ कोई ward boy नहीं है। सफ़ाई वाले contract से आते हैं।"
Aarav भागकर staff room गया। Duty roster देखा।
रजू का नाम नहीं था।
कभी नहीं था।
उसने phone खोला। Photo gallery।
रजू की photo — गायब।
Aarav के हाथ काँप रहे थे। उसने phone restart किया। Photo gallery फिर खोली।
रजू की photo अभी भी गायब थी।
लेकिन... photo gallery में एक और चीज़ बदल गई थी। जो photo उसने Pinky के साथ खींची थी — उसमें अब Pinky किसी और आदमी के साथ थी। एक अजनबी। जो उसकी तरफ देखकर मुस्कुरा रहा था।
"ये... ये कौन है?"
Aarav का दिमाग़ Room 0 पर गया।
Replacement।
रजू replaced हो गया।
Reality बदल गई। कोई नहीं जानता कि रजू कौन था। Staff list बदल गई। Photo बदल गई। सब कुछ बदल गया।
सिर्फ Aarav को पता है। और शायद... Meera को।
Aarav भागकर forensic lab गया। Meera वहाँ थी।
"Meera! रजू!"
"कौन रजू?"
"तुम भी? तुम्हें भी याद नहीं?"
Meera ने pen click किया। "मुझे क्या याद होना चाहिए?"
"रजू! Ward boy! कल मरा! तुमने खुद body examine की थी!"
Meera ने उसे गौर से देखा। "आरव, कल मैंने कोई body examine नहीं की। और हमारे यहाँ कोई ward boy नहीं है।"
Aarav का दिल टूट गया।
Meera को भी याद नहीं।
वो अकेला था। पूरी दुनिया में सिर्फ वो एक इंसान जिसे याद था कि रजू कौन था।
शाम को Aarav gate पर खड़ा था। इंतज़ार कर रहा था।
Pinky आई।
छोटी सी लड़की, pigtails, school uniform। उसकी आँखें लाल थीं। वो रो रही थी।
"Uncle... mere papa kahan hain?"
Aarav का दिल चीर गया।
"तेरे पापा...?"
"मेरे papa! Woh roz mujhe school se lete hain! Aaj nahi aaye! Kahan hain?"
Aarav ने Pinky को देखा। उसकी आँखों में डर था। अकेलापन था।
"तेरा नाम क्या है बेटा?"
"Pinky। Pinky Sharma। Aur mere papa ka naam... Raju। Raju Sharma।"
Raju।
Pinky को याद था। बाकी दुनिया भूल गई — लेकिन Pinky को याद था।
शायद इसीलिए Room 0 बच्चों को नहीं छूता। शायद बच्चों की यादें इतनी strong होती हैं कि Room 0 उन्हें बदल नहीं पाता।
या शायद... Pinky अभी तक replacement को accept नहीं कर पाई।
"बेटा, तू रुक। मैं कुछ करता हूँ।"
लेकिन Aarav को नहीं पता था कि क्या करेगा। रजू चला गया था। और दुनिया ने उसे भुला दिया था।
सिर्फ Pinky और Aarav को छोड़कर।
रात 3 बजे। Aarav ने अपनी डायरी खोली और लिखा:
"Raju — replaced।
Reality changed:
- Staff list: no Raju
- Photos: face changed
- Meera: doesn't remember
- Priya: doesn't remember
- Anjali: doesn't remember
Only survivors:
- Aarav: remembers
- Pinky: remembers
Room 0 rules confirmed:
- Replacement is instant
- Reality rewrites immediately
- Children may remember longer
- Documents/photos change but content stays"
उसने डायरी बंद की।
"रजू," उसने फुसफुसाया। "मैं तुझे नहीं भूलूँगा।"
लेकिन अंदर से वो जानता था — शायद एक दिन वो भी भूल जाएगा। Room 0 सबको भुला देता है।
शायद सिर्फ Pinky बची रहेगी।
छोटी सी लड़की। जो "papa" कहती रहेगी। और कोई नहीं सुनेगा।
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