Chapter 33: The Vision
रात 2 बजे। Room 47।
Aarav और Meera साथ में थे। Room 47 एक साधारण hospital room था — खाली बेड, monitor बंद, दीवारों पर पीली पेंट।
"कुछ अलग नहीं दिख रहा," Meera ने कहा।
"अभी नहीं। रुको।"
दोनों चुप थे। इंतज़ार कर रहे थे।
15 मिनट बीते। 30 मिनट। कुछ नहीं हुआ।
फिर — अचानक — कमरा बदला।
दीवारें हिलीं। रोशनी बदली। और Room 47... Room 0 बन गया।
"हो गया," Aarav ने कहा।
Corridor। वही संकरा, अंधेरा corridor। दीवारों पर नमी। और उसके अंत में — दरवाज़ा। "0" लिखा था।
"चलो," Aarav ने कहा।
दोनों चले। corridor में। धीरे-धीरे। हर कदम भारी।
दरवाज़ा खोला। अंदर गए।
कमरा वैसा ही था — एक बेड, एक monitor, एक chart। लेकिन इस बार... बेड पर कोई था।
Aarav ने करीब जाकर देखा।
बेड पर एक लड़की लेटी थी। उसकी आँखें बंद थीं। उम्र कोई 23-24 साल। सफ़ेद hospital gown।
चेहरा... चेहरा जाना-पहचाना था।
"नैना?" Aarav ने फुसफुसाया।
नैना। उसकी बहन। जो 2013 में मर गई थी।
लेकिन यहाँ... वो जीवित थी। बेड पर। साँस ले रही थी।
"नैना!" Aarav ने उसका हाथ पकड़ा। ठंडा था। लेकिन pulse था। धीमा।
नैना ने आँखें खोलीं। "भैया?"
"नैना! तू... तू ज़िंदा है?"
"हाँ भैया। लेकिन... तुम यहाँ क्यों आए? मैंने कहा था ना — Room 0 में मत आना।"
Aarav का दिल टूट गया। "नैना, तू... तू Room 0 में है? 11 साल से?"
"हाँ भैया। Room 0 ने मुझे बुलाया। और मैं... मैंने सोचा कि मैं तुझे बचा सकती हूँ।"
"मुझे? मुझे क्यों बचाना था?"
"क्योंकि... Room 0 ने मुझे दिखाया था। तू मर रहा है। भविष्य में। और मैंने... मैंने सोचा कि अगर मैं Room 0 में जाऊँगी... तो शायद तुझे बचा सकती हूँ।"
"लेकिन... लेकिन तू मर गई!"
"हाँ भैया। Room 0 ने मुझे mark कर दिया। और... मैं यहाँ फँस गई। 11 साल से।"
Aarav की आँखें भीग गईं। "नैना... तूने ऐसा क्यों किया?"
"क्योंकि... तू मेरा भैया है। मैंने तुझे बचाने की कोशिश की। लेकिन Room 0 ने मुझे रोक दिया।"
Chart पर लिखा था:
"Room 0 status: ACTIVE
Subject: Naina Malhotra
Replacement: CONFIRMED
Warning: Do not follow."
"Replacement confirmed..." Aarav ने फुसफुसाया।
"हाँ भैया। Room 0 ने मेरी replacement तैयार कर दी। लेकिन... मैंने replacement को accept नहीं किया। इसलिए... मैं यहाँ फँसी हूँ।"
"तो... तू Room 0 से बाहर आ सकती है?"
"शायद। लेकिन... इसकी कीमत है।"
"कैसी कीमत?"
"अगर मैं बाहर आऊँगी... तो Room 0 कमज़ोर होगा। लेकिन... तू भी Room 0 से जुड़ जाएगा। पूरी तरह। और तब... तू भी यहाँ फँस सकता है।"
Aarav ने Meera की तरफ देखा। Meera चुप थी। उसकी आँखें भीगी हुई थीं।
"नैना, मैं... मैं तुझे बाहर निकालूँगा।"
"नहीं भैया! ऐसा मत कर! तू... तू खतरे में पड़ जाएगा!"
"मैं परवाह नहीं करता। तू मेरी बहन है।"
नैना ने Aarav को देखा। उसकी आँखें भीगी हुई थीं।
"भैया... तू बहुत अच्छा है। लेकिन... अभी नहीं। अभी बहुत जल्दी है। पहले Room 0 को समझो। फिर... फिर आना।"
"लेकिन —"
"भैया। प्लीज़। मेरी बात सुन। Room 0 तुझे बुला रहा है। नैना की आवाज़ में। लेकिन... अभी जवाब मत देना। अभी बहुत जल्दी है।"
Aarav ने गहरी साँस ली। "ठीक है। लेकिन मैं वापस आऊँगा।"
"मैं जानती हूँ भैया। मैं यहाँ हूँ। इंतज़ार कर रही हूँ।"
Aarav और Meera बाहर आए। corridor वापस Room 47 बन गया।
दोनों चुप थे। बहुत देर तक।
"नैना... ज़िंदा है," Aarav ने कहा। "Room 0 में। 11 साल से।"
"तुम्हें यकीन है?"
"हाँ। वो... वो मेरी बहन है। मैं उसे पहचानता हूँ।"
"लेकिन... Room 0 दिखावा भी तो कर सकता है।"
"शायद। लेकिन... उसने जो कहा — Naina की बातें। Naina की आवाज़। Naina की personality। ये... ये Room 0 fake नहीं कर सकता।"
Meera ने सोचा। "ठीक है। अगर Naina असली है... तो हमें उसे बाहर निकालना होगा।"
"हाँ। लेकिन... कैसे?"
"पता नहीं। अभी नहीं। लेकिन... हम कोशिश करेंगे।"
रात 4 बजे। Aarav ने डायरी खोली:
"The Vision:
- Naina alive inside Room 0 (11 years)
- She entered to save Aarav
- Room 0 marked her
- Replacement confirmed — but she refused
- She's trapped between realities
- To free her = Aarav gets fully connected to Room 0
Warning: Room 0 is using Naina to lure Aarav
Must proceed carefully"
उसने डायरी बंद की।
"नैना," उसने फुसफुसाया। "मैं तुझे बचाऊँगा। चाहे कुछ भी हो जाए।"
लेकिन अंदर से वो जानता था — Room 0 उसी चीज़ का इंतज़ार कर रहा है।
Aarav को बुलाना।
नैना के ज़रिए।
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