Chapter 13: The Daughter's Birthday
अगली शाम कमला आंटी का फोन आया।
"बेटा, आओ। मुझे तुम्हें कुछ बताना है।"
आरव फिर से उनके घर पहुँचा। इस बार कमला आंटी अंदर बैठी थीं — बैठक के कमरे में, पंखे के नीचे। उनके सामने एक पुराना एल्बम रखा था।
"बैठो," उन्होंने कहा। "मैं तुम्हें वो बताती हूँ जो मैंने कल नहीं बताया।"
आरव बैठ गया।
"1998 की बात है। मैंने तुम्हें बताया कि मैं Room 0 में गई थी। और बाहर आने के बाद मुझे अपनी बेटी का जन्मदिन याद नहीं रहा। लेकिन ये सिर्फ शुरुआत थी।"
कमला आंटी ने एल्बम खोला। अंदर तस्वीरें थीं — एक छोटी लड़की की, फिर बड़ी, फिर और बड़ी।
"ये मेरी बेटी है। सुनीता। Room 0 के बाद... मुझे उसकी कुछ यादें धुंधली लगने लगीं। पहले छोटी-छोटी चीज़ें — उसका पसंदीदा रंग, उसका स्कूल का नाम। फिर बड़ी चीज़ें — उसकी शादी का दिन, उसके बच्चों के नाम।"
"धीरे-धीरे?" आरव ने पूछा।
"बहुत धीरे। जैसे... जैसे कोई रंग धुल रहा हो। पहले तस्वीर में रंग हल्के होते हैं। फिर और हल्के। फिर सफ़ेद।"
कमला आंटी ने एल्बम बंद किया।
"लेकिन ये सबसे डरावना हिस्सा नहीं है।"
"और क्या है?"
"Room 0 ने वो दिखाया था — उस कमरे में, उस बेड पर जो औरत लेटी थी — उसके बारे में। वो औरत... वो मेरी माँ थी।"
आरव ने एक सेकंड के लिए सोचा। "आपकी माँ?"
"हाँ। 1998 में मेरी माँ बीमार थीं। ICU में थीं। और Room 0 में उनका चेहरा दिखा — शांत, सुकून भरा, जैसे सो रही हों। लेकिन उनके साथ एक chart था। उस पर लिखा था — 'Replacement confirmed।'"
"मतलब... Room 0 ने आपको दिखाया कि आपकी माँ की मृत्यु के बाद क्या होगा?"
"हाँ। लेकिन मैंने उस वक्त समझा नहीं। मैंने सोचा — शायद ये एक warning है। शायद मुझे अपनी माँ को बचाना चाहिए।"
"और क्या हुआ?"
"मैंने डॉक्टरों से बात की। उन्होंने कहा — वो ठीक हो जाएंगी। लेकिन Room 0 ने कुछ और दिखाया था। मैं उलझन में थी।"
कमला आंटी की आँखें भीग गईं।
"तीन महीने बाद मेरी माँ चल बसीं। और उसके बाद... Room 0 ने जो दिखाया था, वो सच हो गया। मेरी माँ की जगह... दुनिया में कुछ बदल गया।"
"क्या बदला?"
"मेरे पिता। वो बदल गए। पहले वो माँ से बहुत प्यार करते थे। शादी के बाद हर साल anniversary मनाते थे। लेकिन माँ के जाने के बाद... उन्होंने जैसे भुला दिया। उन्होंने कभी anniversary नहीं मनाई। उन्होंने कभी माँ का नाम नहीं लिया। जैसे... जैसे वो कभी थीं ही नहीं।"
आरव को याद आया — डॉ. राघव की फाइल के खाली पन्ने। कमला आंटी की धुंधली यादें।
"आंटी, आपको लगता है कि Room 0 ने... आपके पिता की यादें बदल दीं?"
"यादें नहीं, बेटा। हकीकत बदल दी। Room 0 सिर्फ यादें नहीं लेता। वो पूरी ज़िन्दगी बदल देता है। जो मरता है — उसकी जगह दूसरा कोई आ जाता है। और दुनिया बदल जाती है। फोटो नहीं बदलतीं, documents नहीं बदलते — लेकिन लोगों की ज़िन्दगी बदल जाती है।"
आरव चुप था।
"डॉ. वर्मा ने इसे 'replacement' कहा था," कमला आंटी ने कहा। "Room 0 replacement करता है। व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी जगह कोई और आ जाता है — कोई ऐसा जो उस व्यक्ति की ज़िन्दगी में कभी था ही नहीं। और दुनिया उसे accept कर लेती है।"
"लेकिन... ये तो असंभव है।"
"Room 0 के लिए कुछ असंभव नहीं है।"
कमला आंटी ने एल्बम से एक तस्वीर निकाली — अपनी बेटी सुनीता की, शादी के दिन की।
"देखो। इस तस्वीर में मैं हूँ। सुनीता है। उसका पति है। लेकिन... मेरे पति नहीं हैं। तस्वीर में कोई और है — एक अजनबी। लेकिन सुनीता उसे 'पापा' कह रही है।"
आरव ने तस्वीर देखी। एक बुज़ुर्ग आदमी, मुस्कुराता हुआ। बिल्कुल वैसा ही जैसे कोई साधारण पिता अपनी बेटी की शादी में खड़ा हो।
"ये... ये आपके पति नहीं हैं?"
"नहीं। मेरे पति का नाम रामप्रसाद था। ये... ये कोई और है। लेकिन सुनीता को लगता है कि ये उसके पिता हैं। सबको लगता है। सिर्फ मुझे पता है कि ये सच नहीं है।"
आरव ने तस्वीर वापस दी। उसके हाथ काँप रहे थे।
"आंटी, ये... ये तो replacement है। वो जो chart पर लिखा होता है — 'Replacement confirmed' — ये उसका मतलब है?"
"हाँ। Room 0 मरे हुए व्यक्ति की जगह दूसरे को रख देता है। और दुनिया बदल जाती है।"
"लेकिन... फोटो नहीं बदलतीं?"
"नहीं। Documents नहीं बदलते। सिर्फ लोगों की ज़िन्दगी बदलती है। जैसे... जैसे कोई thread खींच दे और कपड़ा बदल जाए।"
आरव ने गहरी साँस ली। उसका दिमाग़ एक ही बात सोच रहा था —
अगर Room 0 ये कर सकता है... तो क्या उसकी बहन नैना के साथ भी ऐसा हुआ था?
"आंटी, एक और बात — डॉ. वर्मा ने Room 0 के बारे में क्या कहा था? उन्होंने कहा था कि Room 0 बुरा है?"
कमला आंटी ने मुस्कुराते हुए कहा — "नहीं। उन्होंने कहा था — 'Room 0 बुरा नहीं है। ये बस कुछ पूरा करना चाहता है। जो शुरू होता है, उसे खत्म करना चाहता है।'"
वही बात। वही शब्द।
जैसे Room 0 एक अधूरी कहानी है। और वो बस... अपना आखिरी पन्ना खोज रहा है।
बीप ————–
आरव जब घर लौटा तो उसने अपनी डायरी खोली और लिखा:
"Room 0 — क्या करता है:
1. मृत्यु के बाद replacement करता है
2. दुनिया बदलता है — लेकिन documents/photos नहीं
3. यादें लेता है — छोटी-छोटी, फिर बड़ी
4. हर व्यक्ति को याद रखता है जो अंदर जाता है
5. नौ मिनट — हर मौत में
"डॉ. वर्मा ने कहा — Room 0 बुरा नहीं है। बस कुछ पूरा करना चाहता है।"
"क्या पूरा करना चाहता है?"
जवाब किसी के पास नहीं था।
3:55 AM
आरव ने खिड़की से बाहर देखा। अस्पताल दूर खड़ा था। Emergency Wing की लाइटें जल रही थीं।
उसने सोचा — कल रात वो पुराने wing में जाएगा। डॉ. वर्मा के office में। शायद वहाँ कुछ मिले।
शायद वो कुछ ऐसा खोजे जो इस सब का जवाब दे।
या शायद... जो उससे भी ज़्यादा डरावना हो।
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